Monday, 16 February 2009

दैनिक जागरन,कानपुर,06.02.2009,सिटी टैलेंट

दैनिक जागरन,कानपुर, 06.02.2009
'सिटी टैलेंट'
उत्कृष्टता भरा साहित्य
हिन्दी साहित्य जगत में श्रंगार और हास्य-व्यंग्य के युवा हस्ताक्षर हैं बृजेन्द्र श्रीवास्तव, जोकि 'उत्कर्ष' के उपनाम से जाने जाते हैं/ बृजेन्द्र की रचनाएं सामाजिक ताने-बाने के साथ ही जीवन के हर रंग से रूबरू कराती हैं/ मैथा रेलवे स्टेशन, कानपुर देहात के निवासी बृजेन्द्र का रुझान बचपन से ही साहित्य की ओर रहा है/ लेखन इन्हे पिता ओम प्रकाश श्रीवास्तव से पैतृक गुण के रूप में मिला/ बृजेन्द्र के गीत,गजल,मुक्तक,कवितायें,हास्य-व्यंग्य और सम-साम्यिक लेख विभिन्न राष्ट्रीय पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहते हैं/ इनकी रचनाय़ें एफ एम रेडियों दिल्ली से भी प्रसारित हुई हैं/ इन्होंने कई काव्य गोष्ठियों/कवि सम्मेलनों में भी अपनी रचनाओं से सराहना पाई है/ 'युवा महोत्सव' एस वी कालेज, अलीगढ में काव्य गोष्ठी के उपरान्त कवि सुरेन्द्र 'सुकुमार' ने इन्हे श्रंगार का अदभुत कवि कहा था/ पद्मश्री गोपाल दास 'नीरज' से भी बृजेन्द्र को सराहना मिली । आई. आई. टी कानपूर के वार्षिक कार्यक्रम अंतराग्नि-०८ के कवि सम्मलेन में बृजेन्द्र ने राष्ट्रीय कवियों के साथ काव्य पाठ कर काफी सराहना पाई ।

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